Sunday, 5 July 2026

सच

 सच क्या है…

बस एक दृष्टिकोण,

मेरी नज़र में मेरा सच,

आपकी नज़र में आपका सच।

प्रेम में सच कुछ होता है,

गुस्से में सच कुछ और।

कहने का सच अलग,

दिखाने का सच और।

कई सच जो कभी कहे ही नहीं जाते,

कई सच कहे भी जाएँ तो सुने नहीं जाते।

सच कोई मानता नहीं,

बस हर कोई निकाल लेता है

दूसरों के सच से अपना सच।

सच कोई देखता नहीं,

समझता नहीं।

कह दो तो तूफ़ान है सच,

ना कहो तो भँवर है सच।

पर जो सच में सच को जानता है,

उसके लिए सच ही है

सबसे गहरा सुकून।

निकिता जैन 5 जुलाई 2026 बैंगलोर 

No comments:

Post a Comment